नींद · जन्म से 6 महीने
नवजात को कितना सोना चाहिए?
8 अक्टूबर 2026 को मौजूदा दिशानिर्देशों से जांचा गया। यह सामान्य जानकारी है, डॉक्टरी सलाह नहीं।

10 सेकंड में जवाब
- नवजात 24 घंटे में 14-17 घंटे सोते हैं, और दूध पीने के लिए कुछ-कुछ घंटों में जागते हैं।468
- शुरुआत में दिन और रात का फर्क नहीं होता। रात की लंबी नींद आम तौर पर लगभग 3-6 महीने से आने लगती है, लेकिन हर बच्चे में नहीं।67
- हर नींद में, झपकी में भी: पीठ के बल, अकेले, खाली पालने या बेसिनेट में।123
- कम से कम पहले 6 महीने एक ही कमरे में सुलाएं, एक ही बिस्तर पर नहीं।1237
प्रकाशित दिशानिर्देशों से ली गई सामान्य जानकारी, आपके बच्चे के लिए बीमारी की पहचान (निदान) या डॉक्टरी सलाह नहीं। अगर आपको चिंता है, तो डॉक्टर, नर्स या अपनी स्थानीय स्वास्थ्य हेल्पलाइन को फोन करें, चाहे यह पेज कुछ भी कहे। इमरजेंसी में 112 या 108 (एम्बुलेंस) पर कॉल करें।
आपके बच्चे की उम्र में नींद
आम दायरा। स्वस्थ बच्चों में भी बहुत फर्क होता है।
जन्म की तारीख से चुनें
- 24 घंटे में नींद
- 14-17 घंटे
- सबसे लंबी नींद
- 2-4 घंटे
नींद दिन और रात में बराबर बंटी रहती है, क्योंकि छोटे पेट को हर कुछ घंटे में दूध चाहिए।4678
सुरक्षित नींद की जांच
AAP और NHS की सुरक्षित नींद की सलाह पर आधारित एक छोटी सी याद दिलाने वाली सूची। आपके जवाब आपके फोन में ही रहते हैं।
Ella में एक टैप से नींद का टाइमर शुरू करें, या Android पर विजेट और लॉक स्क्रीन से, और दिन भर की नींद देखें। Ella खोलें
इनमें से कुछ भी हो तो तुरंत डॉक्टरी मदद लें
- बच्चे की सांस 20 सेकंड या उससे ज्यादा देर तक रुक जाती है, या सांस रुक-रुककर आती है और वह नीला, धूसर या बहुत फीका पड़ जाता है, या उसका शरीर ढीला पड़ जाता है101213
- बच्चा बहुत मुश्किल से जागता है, शरीर ढीला है, या दूध में रुचि नहीं ले रहा310
- बच्चे को सांस लेने में जोर लगाना पड़ रहा है: कराहना, पसलियां या पेट अंदर धंसना, या बहुत तेज सांस10
अगर बच्चा सांस लेना बंद कर दे, नीला या धूसर पड़ जाए, शरीर ढीला पड़ जाए या जगाने पर भी न जागे, तो तुरंत 112 पर कॉल करें या 108 एम्बुलेंस बुलाएं।
पूरी जानकारी
नवजात इतनी बार क्यों जागते हैं
दिन और रात का उलझना
ज्यादातर नवजात दिन में भी उतना ही सोते हैं जितना रात में। शरीर की घड़ी को मदद करें: दिन में पर्दे खोलें, बात करें और खेलें, और रात की फीड अंधेरे में, शांति से और बिना ज्यादा हलचल के कराएं। धीरे-धीरे बच्चा सीख जाएगा कि रात सोने के लिए होती है, और लगभग 4 महीने तक नींद आम तौर पर ज्यादा नियमित हो जाती है।
साथ सुलाना: सलाह क्या कहती है
AAP एक ही कमरे में, पर अलग बिस्तर पर सुलाने की सलाह देता है, क्योंकि एक बिस्तर पर साथ सोने से अचानक शिशु मृत्यु का खतरा बढ़ता है। अगर हो सकता है कि आप बच्चे के साथ सो जाएं, तो NHS बिस्तर को जितना हो सके सुरक्षित बनाने की सलाह देता है: सख्त गद्दा, बच्चे के पास तकिया या चादर-रजाई नहीं, कोई ऐसी खाली जगह नहीं जहां बच्चा फंस सके, और शराब, नशे, धूम्रपान या नींद लाने वाली दवा के बाद कभी नहीं, या अगर बच्चा समय से पहले जन्मा था या जन्म के समय छोटा था। सोफे या आरामकुर्सी पर बच्चे के साथ कभी न सोएं। बड़ों के बिस्तर में लिपटे हुए (स्वैडल किए) बच्चे को कभी न सुलाएं।
सुरक्षित तरीके से लपेटना
क्या मेरा बच्चा बहुत ज्यादा सो रहा है?
नवजात बहुत सोते हैं, लेकिन उन्हें दूध के लिए जागना चाहिए: पहले हफ्तों में 24 घंटे में कम से कम 8 फीड। अगर बच्चा बहुत सुस्त है या उसका वजन ठीक से नहीं बढ़ रहा, तो दो फीड के बीच बहुत देर न होने दें, भले ही उसे जगाना पड़े। जो बच्चा बहुत मुश्किल से जागता है, जिसका शरीर ढीला है, या जो दूध में रुचि नहीं लेता, उसे डॉक्टर को दिखाना जरूरी है।
माता-पिता के आम सवाल
बच्चे पूरी रात कब सोने लगते हैं?
इसमें बहुत फर्क होता है। कुछ बच्चे 3-6 महीने तक रात में 5-8 घंटे सोने लगते हैं, पर सब नहीं, और पहले साल में काफी समय तक रात में जागना सामान्य है।67
क्या नवजात को करवट लेकर सुला सकते हैं?
नहीं। जब तक बच्चा खुद दोनों तरफ करवट न लेने लगे, सोने के लिए पीठ के बल ही एकमात्र सुरक्षित तरीका है। उसके बाद वह जिस करवट सोना चाहे, सोने दें।13
क्या बच्चे का कार सीट में सोना ठीक है?
सिर्फ सफर के दौरान, बेल्ट बंधी हो तो। पहुंचने के बाद अगर बच्चा अब भी सो रहा है, तो उसे सपाट पालने या बेसिनेट में लिटा दें।13
क्या रात में चुसनी (पैसिफायर) देनी चाहिए?
सोते समय चुसनी देने से अचानक शिशु मृत्यु का खतरा कम होता है। अगर स्तनपान कराती हैं, तो स्तनपान ठीक से चलने तक रुकें, आम तौर पर पहले कुछ हफ्तों के बाद। जबरदस्ती न दें, और बच्चा सो जाए तो गिरी हुई चुसनी वापस मुंह में न डालें।12
नवजात को कितनी झपकियां चाहिए?
नवजात की अभी असली झपकियां नहीं होतीं: वे दिन-रात सोते-जागते रहते हैं, अक्सर एक बार में सिर्फ 1-2 घंटे। नींद के नियमित चक्र आम तौर पर लगभग 4 महीने तक बनते हैं, और उसके बाद झपकियों का ज्यादा तय पैटर्न बनता है।6

